Crores Ka Bojh Kis Par Aayega? Noida की Housing Societies को GST Notices, Maintenance और Electricity Charges पर बढ़ी चिंता
Noida की कई high-rise housing societies को हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश tax department की ओर से Noida societies GST notice जारी किए गए हैं। इन नोटिसों में societies से maintenance charges और electricity charges से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी गई है। विभाग का कहना है कि centralized बिजली आपूर्ति वाली societies में ये शुल्क GST के दायरे में आ सकते हैं।
इन नोटिसों के सामने आने के बाद Resident Welfare Associations (RWA) और Apartment Owners Associations (AOA) के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है। societies का कहना है कि यदि पिछली अवधि के लिए भी 18 percent GST housing societies पर लगाया गया, तो इसका सीधा असर residents पर पड़ेगा।
Maintenance Charges को लेकर पहली बार उठा GST का सवाल
अब तक maintenance charges और बिजली शुल्क पर GST को लेकर कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया था। चाहे पुराना VAT system हो या 2017 के बाद लागू हुआ GST regime, AOAs से इन शुल्कों पर GST देने की मांग नहीं की गई थी।
हालांकि, इस वित्तीय वर्ष से Noida apartment GST issue ने नया मोड़ ले लिया है। tax department ने AOAs के कार्यालयों का दौरा करना शुरू किया और residents को दी जा रही सेवाओं की जानकारी मांगी। इसमें maintenance services, electricity supply (grid और DG), club और gym जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
Electricity Charges को Maintenance से जोड़ने पर आपत्ति
tax department का तर्क है कि जब electricity charges और maintenance charges एक साथ वसूले जाते हैं, तो यह एक composite supply मानी जाती है। इसी आधार पर विभाग का कहना है कि इन शुल्कों पर GST on electricity charges और maintenance दोनों पर 18 प्रतिशत कर लागू होता है।
AOAs और RWAs इस व्याख्या से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि बिजली एक आवश्यक सेवा है और AOAs केवल बिजली प्रदाता और residents के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाती हैं।
CBIC Circular का हवाला दे रहीं Societies
Noida Federation of Apartment Owners Association के प्रतिनिधियों का कहना है कि बिजली शुल्क पर GST लगाना CBIC Circular No. 206/18/2023-GST के प्रावधानों के विपरीत है। इस circular के अनुसार, बिजली आपूर्ति को exempt माना गया है और उस पर GST लागू नहीं होता।
societies का कहना है कि tax department की यह व्याख्या न केवल कानून से मेल नहीं खाती, बल्कि इससे residents पर अनावश्यक वित्तीय बोझ भी पड़ेगा।
Residents में बढ़ती बेचैनी
Sector 50 की कुछ housing societies को अक्टूबर महीने में नोटिस मिले, जिनमें FY 2019–20 के maintenance और बिजली शुल्क का विवरण मांगा गया। इसके बाद से residents के बीच चिंता बढ़ गई है।
एक RWA सदस्य के अनुसार, यदि 18 प्रतिशत GST के साथ interest और penalty भी जोड़ी गई, तो प्रत्येक society पर एक करोड़ रुपये से अधिक का दायित्व बन सकता है। residents का कहना है कि इतनी बड़ी राशि एक साथ जुटाना आसान नहीं होगा।
5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क पर विभाग की जांच
उत्तर प्रदेश Electricity Tariff Schedule के अनुसार, AOAs बिजली बिल पर अधिकतम 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क ले सकती हैं। यह शुल्क billing, accounting और maintenance जैसे प्रशासनिक खर्चों के लिए निर्धारित है।
tax department का कहना है कि कुछ मामलों में AOAs ने इस सीमा का सही तरीके से पालन नहीं किया। इसी कारण यह जांच की जा रही है कि क्या AOAs ने pure agent के रूप में काम किया या नहीं।
कई Societies एकजुट होकर रख रहीं पक्ष
Sector 45, Sector 50 और Sector 100 की कई societies को इस तरह के नोटिस मिल चुके हैं। इसके बाद RWA सदस्य chartered accountants और tax experts से सलाह ले रहे हैं।
यह मामला अब किसी एक society तक सीमित नहीं रहा। कई societies ने मिलकर एक मंच बनाया है और tax department के समक्ष सामूहिक रूप से अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रही हैं।
Residents पर पड़ेगा सीधा आर्थिक असर
RWA प्रतिनिधियों का कहना है कि AOAs कोई commercial entity नहीं हैं। यदि GST लागू होता है, तो उसका बोझ अंततः residents को ही वहन करना होगा। इससे monthly maintenance cost में बढ़ोतरी की आशंका है।
एक resident के अनुसार, “जो भी फैसला आएगा, उसका असर सीधे हमारे घर के बजट पर पड़ेगा।”
फिलहाल housing societies tax department को अपना जवाब दे रही हैं और यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही हैं कि बिजली और maintenance charges पर GST लगाया जाना उचित नहीं है। आने वाले समय में इस मामले पर higher authorities से स्पष्ट निर्देश आने की उम्मीद जताई जा रही है।
