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MNREGA Name Change: Modi Government May Rename Manrega to ‘Pujya Bapu Gramin Rojgar Guarantee Bill 2025

Modi सरकार MNREGA का नाम बदल सकती है। कैबिनेट बैठक में ‘Pujya Bapu Gramin Rojgar Guarantee Bill 2025’ पर फैसला हो सकता है

MNREGA को नई पहचान? सरकार बड़े बदलाव की तैयारी में

केंद्र सरकार जल्द ही MNREGA यानी मनरेगा योजना का नाम बदलने पर विचार कर रही है। यह ग्रामीण भारत की सबसे महत्वपूर्ण रोजगार गारंटी योजना है, और अब सरकार इसे नई पहचान (Rebranding) देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

सूत्रों की मानें तो प्रस्तावित नया नाम —

“पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना”

— कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है।

यह कदम क्यों उठाया जा रहा है, और इसका ग्रामीणों पर क्या प्रभाव पड़ेगा — आइए विस्तार से जानें।

क्या हुआ?

हाल ही में हुई सरकारी बैठकों में मनरेगा योजना की branding, performance और future scope पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने माना कि:

  • मौजूदा नाम लंबा और तकनीकी है

  • योजना की पब्लिक पहचान को और मजबूत किया जा सकता है

  • नए नाम से इसे गांधीवादी ग्रामीण विकास model से जोड़ने में मदद मिलेगी

इसलिए नाम परिवर्तन का प्रस्ताव तेजी से आगे बढ़ा।

क्या बदलेगा?

नई पहचान (Renaming Exercise)

योजना को नया नाम देकर सरकार rural development narrative को मजबूत करना चाहती है।

✔ Existing Benefits जारी रहेंगे

  • 100 दिन का रोजगार जारी

  • जॉब कार्ड सिस्टम में कोई बदलाव नहीं

  • मजदूरी दरों पर निर्णय अलग से लिया जाएगा

✔ योजना का दायरा बढ़ सकता है

सूत्रों के अनुसार, भविष्य में skill-based works को शामिल करने पर भी विचार हो रहा है।

प्रस्तावित नया नाम: क्या यही Final होगा?

सूत्रों ने संकेत दिया कि नया नाम हो सकता है:

“Pujya Bapu Gramin Rojgar Guarantee Scheme”

या
“पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार गारंटी विधेयक 2025”

हालाँकि अंतिम मुहर कैबिनेट बैठक के बाद ही लगेगी। 

नाम बदलने के संभावित कारण — क्यों उठाया गया ये कदम?

1️⃣ Brand Strengthening

नया नाम योजना को अधिक meaningful और relatable बना सकता है।

2️⃣ विरासत से जुड़ाव (Legacy Alignment)

महात्मा गांधी के ग्रामीण रोजगार मॉडल से योजनाओं को जोड़ने की कोशिश।

3️⃣ Public Awareness Boost

सरकार चाहती है कि योजना की पहचान और प्रभाव बेहतर हो।

क्या मजदूरी दरों पर असर पड़ेगा? — Impact on Workers

अभी इस बदलाव से मजदूरी पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा,
लेकिन:

  • राज्य मजदूरी दरें बढ़ा रहे हैं

  • केंद्र ₹400 न्यूनतम मजदूरी पर विचार कर रहा है

  • कुछ राज्यों में 2025–26 के लिए मजदूरी दरें अपडेट हो चुकी हैं

ग्रामीण मजदूरों के लिए यह बदलाव सिर्फ नाम तक सीमित है — लाभ वही मिलेंगे।

क्या कहती है कैबिनेट बैठक?

12 दिसंबर 2025 की बैठक में:

  • नाम परिवर्तन प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है

  • मंत्रालय अपनी रिपोर्ट पेश करेगा

  • यदि सहमति बनी, तो Bill 2025 के रूप में संसद में प्रस्ताव रखा जा सकता है

अंतिम निर्णय अभी लंबित है।

Q1: क्या मनरेगा का नाम बदलना तय है?

अभी नहीं। यह एक प्रस्ताव है, अंतिम मुहर कैबिनेट लगाएगी।

Q2: क्या लाभों पर असर पड़ेगा?

नहीं — रोजगार गारंटी, जॉब कार्ड, मजदूरी का अधिकार जारी रहेगा।

Q3: क्या इससे 150 दिन का रोजगार मिल सकता है?

संसदीय समिति ने सुझाव दिया है, लेकिन अभी लागू नहीं हुआ।

Q4: नया नाम कब लागू होगा?

सरकार की मंजूरी और अधिसूचना के बाद ही लागू होगा।

निष्कर्ष: क्या यह Rural Employment System में बदलाव की शुरुआत है?

MNREGA की ब्रांडिंग बदलने का प्रस्ताव इस बात का संकेत है कि सरकार ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम को नई दिशा और नई पहचान देना चाहती है।

योजना पहले जैसी ही जारी रहेगी — लेकिन उसका नाम और भविष्य की रणनीति, दोनों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

जब भी सरकार की ओर से आधिकारिक अपडेट आता है, यह लेख अपडेट कर दिया जाएगा।